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सपा ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव को हटाया, अखिलेश यादव ने मुस्लिम नेता को दी जिम्मेदारी

 Reported By: Ruchi Kumar,  Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 23, 2026 08:08 pm IST,  Updated : Sep 23, 2026 08:41 pm IST

यूपी विधान परिषद में अब जासमीन अंसारी नेता प्रतिपक्ष होंगे। सपा ने इस संबंध में सभापति को एक पत्र सौंपा है। जिसमें लिखा गया है कि मौजूदा नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसकी वजह से जासमीन अंसारी को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है।

 लाल बिहारी यादव के साथ अखिलेश यादव- India TV Hindi
लाल बिहारी यादव के साथ अखिलेश यादव Image Source : REPORTER

लखनऊः समाजवादी पार्टी  ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव को पद से हटा दिया है। अब सपा नेता जासमीन अंसारी उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होंगे। इससे पहले वे सदन में उपनेता थे। अंसारी सीतापुर के रहने वाले हैं। सपा ने लाल बिहारी यादव को जुलाई 2024 में नेता प्रतिपक्ष बनाया था। वह आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनका कार्यकाल इसी साल नवंबर तक ही है। ऐसे में सपा ने चुनाव से पहले बड़ा बदलाव किया है।

लाल बिहारी यादव के बयान पर हुआ था विवाद

पिछले दिनों लाल बिहारी यादव के बयान को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें वे सपा कार्यकर्ताओं से कहते दिख रहे थे कि अगर अखिलेश यादव कुत्ते के गले में घंटी बांधकर भेज दें तो वोट उसी को देना है। इस बयान पर बीजेपी और एनडीए के सहयोगी दल सपा के खिलाफ हमलावर हो गए थे। 

सपा ने सभापति को सौंपा पत्र

विधान परिषद के सभापति को लिखे पत्र में समाजवादी पार्टी ने कहा है कि पार्टी के नेता विरोधी दल, विधान परिषद लाल बिहारी यादव के स्थान पर समाजवादी पार्टी के मोहम्मद जासमीन अंसारी, सदस्य विधान परिषद, निवासी सीतापुर को नेता विरोधी दल विधान परिषद के पद पर नामित किया जाए। सपा ने बताया है कि लाल बिहारी यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सपा का यह कदम चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

कौन हैं जासमीन अंसारी

सपा नेता जासमीन अंसारी सीतापुर जिले के लहरपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 12 जनवरी 1968 को हुई थी। वह 2007 से 2017 के बीच दो बार बसपा के टिकट पर लहरपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। बसपा से मनभेद होने पर उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। साल 2019 लोकसभा चुनावों के दौरान वह सपा में शामिल हो गए और सपा के टिकट पर 2022 में विधान परिषद के सदस्य बने। 

बता दें कि यूपी में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सपा और बीजेपी समेत सभी दल चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। अभी हाल में ही बीजेपी ने यूपी के सभी जिलों और महानगरों के लिए प्रभारी का ऐलान किया था। 

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